सीकर के बजाज रोड पर स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची निजी कंपनी के कर्मचारियों को स्थानीय व्यापारियों और निवासियों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। मामला तब बिगड़ा जब कंपनी के लोग बिना किसी पूर्व सूचना के दुकानों के बाहर लगे पुराने बिजली मीटर हटाने लगे।
व्यापारियों का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारी बिना नंबर की गाड़ी से आए थे और उन्होंने न तो स्थानीय प्रशासन से कोई अनुमति ली थी, न ही बिजली विभाग की तरफ से कोई जानकारी साझा की गई थी। सुबह के समय जब अधिकांश दुकानें बंद थीं, तभी कर्मचारी पहुंचे और बंद दुकानों के बाहर लगे मीटर तोड़ने लगे। इससे स्थानीय लोग भड़क उठे।
जैसे ही कुछ व्यापारियों को इस कार्रवाई की जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंचे और विरोध जताने लगे। थोड़ी ही देर में आसपास के दुकानदारों और मोहल्ले के लोग भी इकट्ठा हो गए। लोगों का कहना था कि मीटर बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह असंगठित और गैरकानूनी ढंग से की जा रही थी।
हंगामा बढ़ता देख स्थिति तनावपूर्ण हो गई। स्थानीय लोगों ने कर्मचारियों से जवाब मांगना शुरू किया, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत किया। व्यापारियों ने मांग की कि भविष्य में किसी भी तरह की तकनीकी कार्रवाई से पहले उचित जानकारी दी जाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो। फिलहाल मामला शांत है, लेकिन व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई हुई तो बड़ा विरोध किया जाएगा।

