कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। उन्होंने दोपहर में कोर्ट में सरेंडर किया और केवल पांच मिनट बाद उन्हें जमानत मिल गई। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा ने राहुल गांधी को 20-20 हजार रुपये के दो निजी मुचलकों पर जमानत दी। राहुल के वकील प्रांशु अग्रवाल ने अदालत में जमानत याचिका दायर की थी।
यह मामला भारतीय सेना को लेकर राहुल गांधी की एक कथित टिप्पणी से जुड़ा है। कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए उन्हें पेश होने का आदेश दिया था। लेकिन राहुल गांधी पिछली पांच सुनवाइयों में पेश नहीं हुए, जिसके चलते कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया था। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए राहुल गांधी दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से सीधे एमपी-एमएलए कोर्ट गए।
राहुल गांधी की ओर से उनके वकील ने कोर्ट से पेशी में छूट की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया। कोर्ट में पेश होने के बाद राहुल गांधी को जमानत मिल गई और वे सीधे अमौसी एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।
इस दौरान कोर्ट के बाहर काफी हलचल देखने को मिली। राहुल के काफिले के साथ पहुंचे राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा की गाड़ी को पुलिस ने गेट पर रोक दिया। इस पर दोनों नेताओं की पुलिस से बहस हो गई, जिसके बाद वे पैदल ही कोर्ट परिसर में दाखिल हुए। यह घटनाक्रम राजनीतिक और कानूनी रूप से अहम माना जा रहा है।

