15 जून को लखनऊ एयरपोर्ट पर जेद्दा से आई सऊदी एयरलाइंस की एक फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। विमान में हज यात्रा से लौटे यात्री सवार थे। लैंडिंग के समय न केवल विमान के पहियों से चिंगारी और धुआं निकला, बल्कि जोरदार झटका लगने के कारण यात्रियों के सिर विमान की छत से टकरा गए। इससे कई यात्री घबरा गए और केबिन में रखा सामान भी गिर गया, जिससे अंदर हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि रनवे पर पानी भरा हुआ था, जिससे विमान को सुरक्षित उतारना चुनौतीपूर्ण हो गया था। ऐसी स्थिति में पायलट ने ‘एक्वा मैनेजमेंट तकनीक’ अपनाई, जिसके तहत थोड़े झटके के साथ लैंडिंग की जाती है ताकि पानी में फिसलन से बचा जा सके। हालांकि, इस प्रक्रिया के चलते पहियों में घर्षण अधिक हो गया और धुआं व चिंगारी निकलने लगी।
इस घटना को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले को गंभीरता से लिया है और इसे खतरनाक लैंडिंग की श्रेणी में रखा है। DGCA ने इसकी जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं विमान की तकनीकी स्थिति या पायलट की त्रुटि इसके लिए जिम्मेदार तो नहीं थी।
हालांकि इस घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन यात्रियों में दहशत फैल गई। घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस हादसे ने हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

