5 मैचों की ‘तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी’ का तीसरा टेस्ट ऐतिहासिक मैदान लार्ड्स में 10-14 जुलाई के बीच खेला गया जहां भारत को हार का सामना करना पड़ा| जहां पहली पारी में ऐसा लग रहा था कि भारत मजबूत पकड़ बना चुका था और जीत उनकी झोली में दिख रही थी लेकिन नतीजा बिल्कुल उल्ट रहा|पहली पारी में दोनों ही टीम बिल्कुल बराबरी पर रही और 387 रन बोर्ड पर लगा दिए| दूसरी पारी की शुरुआत होते ही इंग्लैंड के बल्लेबाज लड़खड़ाने लगे और महज 192 रनों पर ऑल आउट हो गए| भारत के सामने लक्ष्य मात्र 193 का था और सबको लग रहा था भारत ये रन आसानी से बना लेगा लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था|

भारत ने दूसरी पारी की शुरूआत में ही जायसवाल का विकेट खो दिया और चौथे दिन के अंत तक 4 विकटें गवां बैठा| पांचवे दिन भारत को सिर्फ संभलकर बल्ल्बाजी करनी थी लेकिन ऐसा हो ना पाया और 112 के भीतर 8 विकेट गिर गए| हालांकि जडेजा ने शानदार नाबाद 61 रन बनाए और अंत तक खड़े रहे| आखिरी दो विकेट के लिए उनका साथ बुमराह और सिराज ने दिया परन्तु जीत के पार नहीं ले जा सके और रोमांचक मुकाबले में महज 22 रनों से हार गए और इसी के साथ इस 5 मैचों की सीरीज में मेजबान इंग्लैंड ने 2-1 से बढ़त बना ली | अब भारत के सामने कई सवाल हैं जो चुनौतियां बन रहे हैं |

