अहमदाबाद में हाल ही में हुए विमान हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 275 हो गई है। राहत और बचाव कार्य के दौरान जांच दल को विमान के पिछले हिस्से में एक और शव मिला, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ गया। यह हादसा देश के विमानन इतिहास में सबसे भीषण दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
हादसा उस समय हुआ जब विमान रनवे पर उतरने की प्रक्रिया में था। अचानक तकनीकी खराबी के चलते विमान अपना संतुलन खो बैठा और ज़मीन से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान के कई हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। आग लगने से कई यात्री मौके पर ही झुलस गए, जबकि अन्य को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस ने राहत कार्यों में तेजी लाई। मलबे की तलाशी के दौरान शनिवार देर शाम एक और शव विमान के पिछले हिस्से में फंसा मिला, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
सरकार ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है। हादसे के बाद से अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोका गया है और सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है।
यह घटना न सिर्फ विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है, बल्कि तकनीकी देखरेख और प्रशिक्षण में सुधार की आवश्यकता को भी उजागर करती है।

