2:30pm – उमेश पाल कांड के बाद बिखर गया अतीक परिवार, दो बेटे जेल में, दो की मौत, पत्नी फरार प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद के पांचों बेटों की जिंदगी पिछले तीन वर्षों में पूरी तरह बदल चुकी है। कभी शहर के नामी स्कूलों में पढ़ने वाले ये युवा आज अलग-अलग कानूनी मामलों, जेल, मुठभेड़ और हादसों के कारण चर्चा में हैं। उमेश पाल हत्याकांड के बाद पूरे परिवार पर पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर पड़ गई और उनकी तस्वीर ही बदल गई।अतीक के पांच बेटे उमर, अली, असद, अहजम और आबान थे। चकिया इलाके से स्कूल जाने वाले ये सभी अब अलग-अलग रास्तों पर हैं। एक की मुठभेड़ में मौत हो गई, दो जेल में बंद हैं, जबकि दो छोटे बेटों को कानूनी और पारिवारिक परिस्थितियों से जूझना पड़ा। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अभी भी फरार हैं और पुलिस ने उनके सिर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।उमर अहमद (सबसे बड़ा बेटा): शुरुआती दिनों में पढ़ाई में तेज बताए जाने वाले उमर आईएएस बनने की बात करते थे। बाद में उन्होंने कानून की पढ़ाई की। उन पर अपहरण, मारपीट और रंगदारी जैसे गंभीर आरोप लगे। सीबीआई ने भी मामले की जांच की। फिलहाल वे लखनऊ जेल में बंद हैं। उमेश पाल कांड के बाद वे भी जांच के घेरे में आ गए।अली अहमद (दूसरा बेटा): अली के खिलाफ भी रंगदारी और धमकी समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस कार्रवाई में वे घिरे। वर्तमान में वे झांसी जेल में निरुद्ध हैं। आबान की मौत के बाद उनके पैरोल पर बाहर आने की चर्चा शुरू हो गई है।असद अहमद (तीसरा बेटा): उमेश पाल कांड में असद का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आया। पुलिस के अनुसार वे इस मामले में वांछित थे। 13 अप्रैल 2023 को झांसी में एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में असद और शूटर गुलाम मारे गए। उनकी मौत के दो दिन बाद ही 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में पुलिस अभिरक्षा के दौरान अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई थी।अहजम अहमद (चौथा बेटा): उमेश पाल कांड के बाद अहजम और छोटे भाई आबान को पुलिस ने चकिया से पकड़ लिया था। नाबालिग होने के कारण दोनों को बाल संरक्षण गृह भेजा गया, जहां वे करीब सात महीने रहे। बाद में अदालत के आदेश पर उन्हें उनकी बुआ परवीन कुरैशी की देखरेख में सौंप दिया गया। अहजम फिलहाल परिवार के बाहर मौजूद सदस्यों में हैं और पढ़ाई कर रहे हैं।आबान अहमद (सबसे छोटा बेटा): आबान को भी बाल संरक्षण गृह भेजा गया था। बाहर आने के बाद वे बुआ के घर हटवा में रहे। सितंबर 2025 में नैनी जेल में बंद भाई अली से मुलाकात के दौरान चर्चा में आए। नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर वायरल एक रील को लेकर धूमनगंज थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। छह अगस्त 2026 को झांसी में सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई।इस तरह पिछले तीन वर्षों में अतीक परिवार की कहानी बड़े-बड़े घटनाक्रमों से जुड़ी रही है और उनकी पुरानी रसूख वाली छवि पूरी तरह बदल चुकी है।

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