आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने देश में चल रहे हिंदी विवाद पर बड़ा बयान दिया है| उनका कहना है कि कुछ लोग मोदी के प्रति अपनी नफरत को हिंदी के मुद्दे पर निकाल रहे हैं। वे आगे बोले कि हिंदी को थोपना गलत है, लेकिन यह भी एक आवश्यक भाषा है जो देश की एकता में मदद कर सकती है। उन्होंने तमिलनाडु के नेताओं पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया, जो हिंदी का विरोध करते हुए भी तमिल फिल्मों को हिंदी में डब करने की अनुमति देते हैं।
आगे पवन कल्याण ने ये भी कहा कि भारत को कई भाषाओं की जरूरत है, न कि सिर्फ दो की। उन्होंने भाषाई विविधता को अपनाने और संरक्षित करने पर जोर दिया और मातृभाषा अगर मां की तरह है, तो हिंदी हमारी दादी की तरह है|

