इन दिनों महाराष्ट्र में भाषा को लेकर अलग ही जंग छिड़ी हुई है|दरअसल कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र सरकार ने मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा एक से पांचवीं तक के छात्रों को तीसरी भाषा के रूप में हिंदी पढ़ाये जाने का निर्णय लिया है, जिसके बाद पूरे प्रदेश में सरकार के इस फरमान का जमकर विरोध हो रहा है| अब इस बीच साउथ इंडिया के लोकप्रिय अभिनेता और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने हिंदी और तेलुगु को लेकर एक बयान दे दिया है|

शुक्रवार को हैदराबाद में राजभाषा विभाग के “दक्षिण संवाद” स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान पवन कल्याण बोले, तेलुगु हमारी ‘मां’ है और हिंदी हमारी ‘मौसी’। उन्होंने हिंदी की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और विशेष रूप से फिल्म उद्योग सहित आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने में अहम योगदान देती है|

