मुंबई के विक्रोली इलाके में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं द्वारा एक दुकानदार के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उक्त दुकानदार ने सोशल मीडिया पर मराठी समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस आरोप के आधार पर कार्यकर्ताओं ने बुधवार को अचानक उसकी दुकान पर पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, MNS कार्यकर्ताओं ने दुकानदार के साथ पहले गाली-गलौच की और फिर उसे धमकाया। इसके बाद उन्होंने जबरन उससे माफी मंगवाई और उसे पकड़कर पूरे इलाके में घुमाया। इस दौरान दुकानदार को अपमानित किया गया और उसे हाथ जोड़कर लोगों से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया।
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दुकानदार डरा-सहमा हुआ दिखाई दे रहा है और हाथ जोड़कर माफी मांगता नजर आ रहा है। यह वीडियो अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है, जिससे एक ओर MNS कार्यकर्ताओं की आलोचना हो रही है, तो दूसरी ओर कुछ लोग इस कार्रवाई को ‘मराठी अस्मिता’ की रक्षा बताकर समर्थन भी कर रहे हैं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वायरल वीडियो को सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि दुकानदार द्वारा किया गया पोस्ट वास्तव में आपत्तिजनक था या नहीं।
यह घटना एक बार फिर सवाल उठाती है कि कानून व्यवस्था को दरकिनार कर किसी को सज़ा देना कहां तक उचित है और क्या इस तरह की कार्रवाइयों से समाज में डर और तनाव नहीं फैलता?

