बिहार में चल रही मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग (EC) ने बड़ा खुलासा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, वोटर लिस्ट वैरिफिकेशन के दौरान बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों की मौजूदगी सामने आई है। EC अफसरों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि 24 जून से शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत वे घर-घर जाकर लोगों की जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार से आए हुए लोगों की उपस्थिति मिली है, जो अवैध रूप से राज्य में रह रहे हैं।
चुनाव आयोग ने बताया कि 1 अगस्त, 2025 से ऐसे लोगों की जांच की जाएगी और जो भी अवैध प्रवासी पाए जाएंगे, उनके नाम आगामी वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएंगे। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी और आयोग का कहना है कि उसमें केवल योग्य और सत्यापित नागरिकों के ही नाम शामिल किए जाएंगे।
वोटर लिस्ट वैरिफिकेशन के लिए मतदाता गणना फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 25 जुलाई, 2025 निर्धारित की गई है। वर्तमान में यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।
इस खुलासे के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं। दोनों नेताओं ने आयोग से मांग की है कि इस तरह के आरोपों की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी समुदाय को बेवजह निशाना न बनाया जाए।

