कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री रान्या राव को सोना तस्करी के एक मामले में दोषी पाते हुए एक साल की सजा सुनाई गई है। यह सजा विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम (COFEPOSA) के तहत दी गई है। बुधवार को सलाहकार बोर्ड ने इस संबंध में आदेश जारी किया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रान्या को सजा की पूरी अवधि के दौरान जमानत का कोई अधिकार नहीं दिया गया है, यानी वह इस दौरान जमानत की अपील भी नहीं कर सकतीं।
यह मामला तब चर्चा में आया जब रान्या राव और उनके सह-आरोपी तरुण राजू पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने सोना तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया। इससे पहले, 20 मई को बेंगलुरु की एक अदालत ने दोनों को डिफॉल्ट जमानत दे दी थी। कोर्ट का कहना था कि DRI ने आरोप पत्र (चार्जशीट) तय समय सीमा के भीतर दाखिल नहीं किया, इसलिए प्रक्रिया संबंधी आधार पर उन्हें यह जमानत मिली।
हालांकि अब COFEPOSA के तहत सुनाए गए फैसले में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि रान्या को जमानत का कोई अधिकार नहीं होगा, जिससे उन्हें जेल में रहना पड़ेगा। यह मामला न केवल फिल्म इंडस्ट्री के लिए, बल्कि कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी चर्चा में है, क्योंकि इसमें एक सेलिब्रिटी को तस्करी जैसे गंभीर अपराध में सजा मिली है।

