मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण की साजिश चल रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भी उन्होंने पीलीभीत और अन्य क्षेत्रों में हो रहे धर्मांतरण के मामलों का जिक्र किया था। इन मामलों की जांच के लिए सरकार की एक टीम भेजी गई थी, जिसने ‘घर वापसी’ का बड़ा अभियान चलाया। इस अभियान के जरिए यह सामने आया कि किस तरह योजनाबद्ध तरीके से हिंदू, ब्राह्मण, क्षत्रिय, सिख, अन्य पिछड़ी जातियों, अनुसूचित जाति और जनजातियों के लोगों को धर्मांतरण के लिए निशाना बनाया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर में हुई बड़ी कार्रवाई का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां धर्मांतरण के लिए बाकायदा ‘रेट लिस्ट’ बनाई गई थी। इसमें अलग-अलग समुदायों और जातियों को धर्म बदलवाने के लिए कीमत तय की गई थी। इस काम के लिए विदेशों से फंडिंग हो रही थी और आरोपी के 40 बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई साधारण गतिविधि नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को कमजोर करने की गहरी साजिश है।
सरकार ऐसे षड्यंत्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और समाज को इस तरह की विभाजनकारी गतिविधियों से बचाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।

