सहारनपुर: आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियों के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराना आसान नहीं होगा। उन्होंने विपक्षी दलों से चुनावी रणनीति और सीटों के बंटवारे को जल्द अंतिम रूप देने की अपील की, ताकि समय रहते चुनावी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरा जा सके।
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा के खिलाफ मुकाबले के लिए जो भी रणनीति बनानी है, उस पर जल्द काम शुरू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल माहौल बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि चुनावी रोडमैप तैयार कर उसके मुताबिक आगे बढ़ना होगा।
‘हम चाहते हैं कि यूपी में बीजेपी हारे’
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराना है, साथ ही पार्टी का संगठन और राजनीतिक आधार भी मजबूत करना है।
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि यूपी में बीजेपी हारे। हम चाहते हैं कि हमारी पार्टी भी यूपी में सर्वाइव करे। ये हमारा मौलिक अधिकार है। हम अपनी पार्टी का सर्वाइवल भी चाहते हैं और हम भाजपा को भी हराना चाहते हैं।”
मसूद ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में देशभर में एक राजनीतिक माहौल बना है और विपक्ष को इस माहौल को चुनावी परिणाम में बदलने के लिए ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
‘बीजेपी हमसे आगे न निकल जाए’
कांग्रेस सांसद ने कहा कि भाजपा को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि चुनावी मुकाबला ऐसा होना चाहिए जिसका परिणाम सामने आए और इसके लिए विपक्ष को जल्द फैसले लेने होंगे।
उन्होंने कहा, “बीजेपी हमसे आगे न निकल जाए। बीजेपी को हराना इतना आसान नहीं है। हवा के अंदर बीजेपी नहीं हार रही है। हमें सब चीजों को फाइनल करके निकलना चाहिए, रोड मैप तैयार करके हमें आगे बढ़ना चाहिए।”
मसूद के बयान को यूपी में विपक्षी दलों के बीच सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को जल्द अंतिम रूप देने की मांग के तौर पर देखा जा रहा है।
सीटों में भी दिखनी चाहिए कांग्रेस की ‘ग्रोथ’
इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति और संभावित सीट बंटवारे को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में कांग्रेस का राजनीतिक आधार बढ़ रहा है तो इसका असर विधानसभा चुनाव में मिलने वाली सीटों पर भी दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे और कांग्रेस ने 107 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें पार्टी को 7 सीटों पर जीत मिली थी। मसूद ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां पहले जैसी नहीं हैं और यदि कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति में सुधार हुआ है तो सीटों के लिहाज से भी उसे इसका लाभ मिलना चाहिए।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर शिवपाल का बयान
इमरान मसूद का बयान ऐसे समय आया है जब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाएं जारी हैं।
हाल ही में सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा था कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और अखिलेश यादव के नेतृत्व में बहुमत की सरकार बनाएंगे।
ऐसे में इमरान मसूद का सीटों में कांग्रेस की हिस्सेदारी बढ़ाने का बयान आने वाले दिनों में सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की बातचीत को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल दोनों दलों के सामने भाजपा के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने के साथ-साथ अपने-अपने संगठन और राजनीतिक हितों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है।

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