Odisha News: गहमा पूर्णिमा और रक्षाबंधन के मौके पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य की महिलाओं को ‘सुभद्रा योजना’ की नई किस्त का तोहफा दिया। नयागढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किस्त वितरण की शुरुआत की। इसके तहत राज्य की 1,03,26,162 पात्र महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ₹5,000 की राशि ट्रांसफर की गई।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि ‘सुभद्रा योजना’ सिर्फ आर्थिक सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें अपने फैसले खुद लेने के लिए सक्षम बनाना है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, करीब ₹11,000 करोड़ के वार्षिक बजट वाली यह योजना ओडिशा में महिला कल्याण से जुड़ी प्रमुख योजनाओं में शामिल है।
योजना के तहत पात्र महिलाओं को पांच वर्षों में कुल ₹50,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। हर साल ₹5,000 की दो किस्तें सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती हैं।
नयागढ़ की 2.33 लाख महिलाओं को मिला लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि अकेले नयागढ़ जिले में 2,33,585 पात्र महिलाओं के खातों में इस किस्त के तहत कुल ₹116.80 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि योजना का असर महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों में भी दिखाई दे रहा है। सरकार के मुताबिक, करीब 80 फीसदी महिलाओं ने मिली राशि का इस्तेमाल अपनी दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा के लिए किया है, जबकि 25.52 फीसदी महिलाओं ने इस सहायता से नया कारोबार शुरू किया है।
सब्जी की खेती से डेयरी तक, महिलाओं ने शुरू किए कारोबार
मुख्यमंत्री ने बताया कि कई लाभार्थी महिलाओं ने आर्थिक सहायता का इस्तेमाल सब्जी की खेती, सिलाई, स्टेशनरी की दुकान, बुनाई और डेयरी फार्मिंग जैसे काम शुरू करने में किया है। सरकार का दावा है कि इन गतिविधियों के जरिए महिलाएं अपनी आय बढ़ाने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
महिलाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ‘महिला उद्यमिता प्लेटफॉर्म’ भी शुरू किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक 11,789 लाभार्थियों को इसके तहत प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
27 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य में करीब 27 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण से जुड़ी अन्य सरकारी योजनाओं का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ और ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कन्या सुमंगल योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में जन्म लेने वाली बेटियों को ग्रेजुएशन पूरा करने पर ₹1,01,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
महिला कल्याण पर बजट का बड़ा हिस्सा
मुख्यमंत्री ने बताया कि ओडिशा के मौजूदा वित्तीय वर्ष के ₹3.10 लाख करोड़ के कुल बजट में से ₹1,22,764 करोड़, यानी करीब 40 फीसदी राशि महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जा रही है।
माझी ने इसे राज्य के इतिहास में महिलाओं के लिए आवंटित अब तक की सबसे बड़ी राशि बताते हुए कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण को विकास के केंद्र में रखकर काम कर रही है।

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