योगी सरकार ने बाराबंकी में श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU) पर 6 सितंबर 2025 को बुलडोजर कार्रवाई की। यह कार्रवाई यूनिवर्सिटी द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण के आरोपों के बाद हुई। राजस्व विभाग की जांच में पुष्टि हुई कि यूनिवर्सिटी ने करीब छह बीघा ग्राम समाज की जमीन, जिसमें नाला, तालाब और बंजर भूमि शामिल थी, पर कब्जा किया था। इस कार्रवाई में यूनिवर्सिटी परिसर में बने “एनिमल हाउस” (400 वर्ग मीटर) और कैंटीन सहित अन्य अवैध ढांचों को तीन बुलडोजरों की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। तहसीलदार की अदालत ने 27.96 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और 30 दिन में अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।
यह कार्रवाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रांत मंत्री मयंक राय और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद शुरू हुई, जिन्होंने यूनिवर्सिटी पर सरकारी जमीन कब्जाने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, 1 सितंबर 2025 को यूनिवर्सिटी में LLB कोर्स की मान्यता को लेकर ABVP कार्यकर्ताओं और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज हुआ था, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हुए थे। इस घटना ने मामले को और तूल दिया।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाइयों पर सख्त रुख अपनाया है। नवंबर 2024 में कोर्ट ने कहा था कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के किसी के घर या संपत्ति को गिराना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने भी योगी सरकार पर पक्षपात और मनमानी का आरोप लगाया है|

