तेंदुए के हमले में गंभीर रूप से घायल महिला को ग्रामीण साढ़े तीन किमी.पैदल जंगल के रास्ते सड़क तक ले गए और सुबह अस्पताल लेकर पहुंचे। ग्राम प्रधान हंसी पलड़िया का कहना है कि अगर गांव तक सड़क होती तो घायल महिला को समय से अस्पताल पहुंचाया जा सकता था और उसकी जान बच सकती थी। सड़क नहीं होने के चलते पूर्व में भी अस्पताल ले जाने में देरी के चलते गांव में एक नवजात और एक घायल की जान जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन से मोरा गांव तक जल्द से जल्द सड़क पहुंचाने की मांग की है।
शिव-पार्वती विवाह स्थली Triyuginarayan Temple में जोड़े ने लिए सात फेरे
https://youtube.com/shorts/sCNY-H_ShEw उत्तराखंड में बर्फबारी में भी कई जोड़े शादी के बंधन में बंधे। भगवान शिव पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में बीते दिन भारी बर्फबारी के बीच सात जोड़े शादी के बंधन में बंधे। वहीं चमोली जिले के जंगलचट्टी गांव में बर्फबारी के बीच...

