लखनऊ में शनिवार को तेज बारिश के दौरान ठाकुरगंज के राधाग्राम निवासी सुरेश नाले में बह गए थे। लगातार तलाश के बाद उनकी डेडबॉडी रविवार को IIM रोड बंधे के पास, घटनास्थल से करीब 1 किमी दूर मिली। यह शव एक स्थानीय निवासी बुद्धा को मिला, जबकि नगर निगम की टीम पास में ही रेस्क्यू कर रही थी।
परिजनों का आरोप है कि नगर निगम ने कोई मदद नहीं की। सुरेश की पत्नी रेणु ने रोते हुए कहा कि अब बच्चों को देखने वाला कोई नहीं बचा है और उन्हें ₹50 लाख मुआवजा चाहिए।
घटना पर नगर आयुक्त गौरव कुमार ने गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू की है। क्षेत्रीय निरीक्षण में लापरवाही बरतने पर जेई रमन कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं AE आलोक कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। सफाई कार्य में लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठेकेदार अंकित कुमार और उनकी संस्था अनिका इंटरप्राइजेज को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और उन पर पेनल्टी भी लगाई जाएगी। इसके अलावा वेंडर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।
नगर आयुक्त ने बताया कि कमांड कंट्रोल नंबर और IGRS पर शिकायत होने के बावजूद कोई एक्शन न लेना बड़ी चूक थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस दुखद घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने लापरवाह अफसरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृतक सुरेश के परिजनों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

