प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में सख्त कदम उठाते हुए दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह कार्रवाई 12 जनवरी 2026 को ED की अहमदाबाद जोनल इकाई द्वारा की गई। जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनकी बुक वैल्यू 53.50 लाख रुपये बताई गई है, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 4.65 करोड़ रुपये आंका गया है। ये संपत्तियां प्रेम देवी लूनिया और पायल चोकसे के नाम दर्ज हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 24 मई 2018 को FIR दर्ज करते हुए एम/एस श्री ओम फैब के प्रोपराइटर रंजीत लूनिया और अन्य को आरोपी बनाया था। जांच में पता चला कि रंजीत लूनिया की तीन कंपनियों—श्री ओम फैब, श्री बाबा टेक्सटाइल और श्री लक्ष्मी फैब—को कुल 9.95 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट स्वीकृत कराई गई थी। बाद में ब्याज जुड़ने के कारण यह राशि बढ़कर करीब 10.93 करोड़ रुपये हो गई और खाता एनपीए घोषित हो गया।
CBI द्वारा दाखिल चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि रंजीत लूनिया ने बैंक अधिकारियों और पैनल वैल्यूअर मयूर शाह के साथ मिलीभगत कर साजिश रची। आरोप है कि बैंक को भ्रामक और फर्जी दस्तावेज सौंपे गए, कारोबारी रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई और गिरवी रखी गई संपत्तियों की गलत वैल्यूएशन रिपोर्ट पेश कर ऋण हासिल किया गया।

