पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच हो सकता है, तो श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब जाने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाबियों की आस्था से जुड़े मुद्दों को सियासी चश्मे से देख रही है।
सीएम मान ने कहा कि एक तरफ भारत-पाक क्रिकेट मुकाबलों को मंज़ूरी दी जाती है, वहीं दूसरी तरफ श्री करतारपुर साहिब और श्री ननकाना साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की राह में रुकावटें खड़ी की जाती हैं। उन्होंने इसे दोहरे रवैये की संज्ञा दी और कहा कि यह बात अब पंजाबियों को खटकने लगी है।
मान ने यह भी कहा कि कभी फिल्मों को इसलिए रोका जाता है कि उनमें पाकिस्तानी कलाकार हैं, जबकि वहीं पाकिस्तान से क्रिकेट मैच को राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आर्थिक लाभ श्रद्धा और भक्ति से बड़ा हो गया है?
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।” इस पर मान ने तंज कसते हुए पूछा कि अगर ऐसा है तो क्रिकेट के मैदान कैसे खुल सकते हैं, और गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले रास्ते क्यों बंद हैं?
उन्होंने कहा कि श्रद्धा और भक्ति का स्थान राजनीति या व्यापार का नहीं होता। श्री करतारपुर साहिब और श्री ननकाना साहिब सिख धर्म के प्रमुख तीर्थस्थल हैं, जिन्हें श्रद्धालु सिर्फ सेवा और भक्ति के भाव से देखना चाहते हैं। ऐसे में वहां जाने का मार्ग बंद करना पंजाब के लिए अपमानजनक है।

