Ranchi Neha Bora Ink Attack: झारखंड विधानसभा मार्च में बवाल, आरोपी अमरनाथ पांडे गिरफ्तार
JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली को लेकर हेमंत सरकार के खिलाफ विधानसभा मार्च के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने स्याही फेंक दी। पुलिस ने आरोपी अमरनाथ पांडे को हिरासत में ले लिया है।

- रांची में छात्र आंदोलन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर इंक अटैक।
- JPSC और JSSC में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ विधानसभा मार्च कर रहे थे छात्र।
- गिरफ्तार आरोपी अमरनाथ पांडे ने लगाए ‘उमर ख़ालिद मुर्दाबाद’ के नारे।
- नेहा बोरा का पलटवार- “धमकियों और हमलों से नहीं रुकेगा आंदोलन।”
रांची: झारखंड की राजधानी रांची से इस वक्त एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ बुलाए गए विधानसभा मार्च में भारी बवाल हो गया है। छात्र आंदोलन की अगुवाई कर रही AISA (All India Students’ Association) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने हमला करते हुए सरेआम स्याही फेंक दी। इस घटना के बाद रांची में हड़कंप मच गया है और राज्य की राजनीति में नया उबाल आ गया है।

विधानसभा मार्च के दौरान हुआ हमला मिली जानकारी के अनुसार, JPSC और JSSC परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ विभिन्न छात्र संगठनों – AISA, RYA, AISF और SFI ने एकजुट होकर राज्य विधानसभा मार्च का ऐलान किया था। भारी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे थे। इसी दौरान, दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहीं AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को निशाना बनाया गया। भीड़ में से एक युवक ने अचानक उन पर स्याही फेंक दी, जिससे मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
आरोपी ने कैमरे पर कहा – ‘मैं शेर हूँ’ घटना के तुरंत बाद मुस्तैद पुलिस ने आरोपी युवक को दबोच लिया। आरोपी की पहचान अमरनाथ पांडे के रूप में हुई है। पुलिस जब आरोपी को हिरासत में लेकर जा रही थी, तब उसने खुलेआम ललकारते हुए ‘उमर ख़ालिद मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। मीडिया के कैमरों के सामने आरोपी अमरनाथ ने कहा, “मैं एक शेर हूँ, ये लोग देशद्रोही हैं, इनसे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।”
हमलों से नहीं डरेगा छात्र आंदोलन: नेहा बोरा सरेआम हुई इस घटना के बाद भी नेहा बोरा के तेवर सख्त नज़र आए। उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए साफ कहा कि छात्र आंदोलन को धमकियों या ऐसे कायराना हमलों से नहीं रोका जा सकता है। छात्रों की जायज मांगों के लिए यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगी।
हेमंत सरकार पर उठे सवाल छात्रों का यह आंदोलन अब सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने झारखंड में एक बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले लिया है। अब देखना यह होगा कि राज्य पुलिस इस मामले में आरोपी के खिलाफ क्या सख्त कानूनी कार्रवाई करती है और हेमंत सरकार उग्र होते छात्रों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाती है।

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