दिल्ली हाई कोर्ट ने यमुना तटीकरण परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मामलों में अहम फैसला सुनाते हुए राजधानी के सैकड़ों किसानों को राहत दी है। कोर्ट ने किलोकरी, खिजराबाद, नंगली राजापुर और गढ़ी मेंडू के ग्रामीणों को दिया गया मुआवजा बढ़ाकर 2 लाख रुपये प्रति बीघा करने का आदेश दिया है, जो पहले 89,600 रुपये था।
साथ ही कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह बढ़ी हुई राशि का भुगतान ब्याज सहित करे। यह फैसला जस्टिस तारा वितस्ता गंजू की बेंच ने 26 सितंबर को सुनाया था, जिसे सोमवार को सार्वजनिक किया गया।
यह आदेश 2006 में ट्रायल कोर्ट के एक पुराने फैसले के खिलाफ दायर 140 से अधिक अपीलों पर आया है, जिसमें पहले मुआवजा 27,344 रुपये से बढ़ाकर 89,600 रुपये प्रति बीघा किया गया था।

