देश में इन दिनों वोट के मुद्दो के लेकर मोर्चा गरमाया हुई है। समाजवादी पार्टी और चुनाव आयोग में तकरार छिड़ी हुई है। तो वहीं अब सपा की तरफ से चुनाव आयोग पर बेहद ही गंभीर आरोप मढ़ते नजर आ रहे हैं। जिस पर चुनाव आयोग ने जवाबी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन शिकायतों को बार बार उठाया जा रहा है उस पर स्पट किया जा रहा है कि मतदाता का शपथ पत्र मूलरूप में मिला ही नही हैं।
आयोग ने आगे कहा, ईमेल से समाजवादी पार्टी द्वारा जो शिकायत की गई है, उसमें लगभग 3919 अलग-अलग नाम के व्यक्तियों के शपथ पत्रों की स्कैंड कॉपी जरूर मिली हैं. शिकायत 33 जिलों के 74 विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित है. 5 विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित शिकायत की जांच पूरी हो चुकी है और X के माध्यम से आम जनता के समक्ष जांच के निष्कर्ष को पेश भी किया जा चुका है.
चुनाव आयोग ने कहा, अभी तक जिन पांच विधानसभा क्षेत्रों की जांच पूरी हुई है, उनमें यह पाया गया है के ऐसे व्यक्तियों के नाम से माह नवंबर 2022 में शपथ पत्र बने हैं जिनकी मौत साल 2022 से कई साल पहले हो चुकी थी. कतिपय व्यक्तियों ने अपने नाम से बने शपथ पत्र की स्कैंड कॉपी को दिखाने पर ऐसा कोई भी शपथ पत्र देने से स्पष्ट इनकार कर दिया है. उल्लेखनीय है कि कानूनन गलत साक्ष्य दिया जाना एक अपराध माना जाता है.

