गर्मियों में अक्सर ज्यादा तेल-मसाले वाली या मैदे वाली चीजें खा लीं तो पेट खराब हो सकता है। कई बार कुछ चीजें खाने के बहुत देर बाद तक अहसास होता रहता है कि जैसे खाना पचा ही नहीं है। कई बार मतली-उल्टी की समस्या भी हो सकती है।
गर्मी में टेम्परेचर बढ़ने पर शरीर के कामकाज पर सीधा असर पड़ता है। शरीर का अपना थर्मोडायनेमिक्स सिस्टम होता है। इसका काम शरीर का टेम्परेचर 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास मेंटेन करना है। जब गर्मी में एनवायरन्मेंटल टेम्परेचर 37 डिग्री सेल्सियस से पार जाता है तो शरीर अपना टेम्परेचर मेंटेन करने के लिए काम शुरू कर देता है। ऐसे में पाचन से उसका ध्यान हट जाता है और ये समस्याएं होने लगती हैं।
साइंस डायरेक्ट में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, दूसरे किसी मौसम के मुकाबले गर्मियों में अपच के ज्यादा मामले सामने आते हैं। इसके कारण गैस, बदहजमी, कब्ज और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। गर्मी बढ़ रही है और पेट से जुड़ी समस्याएं भी शुरू हो गई हैं।

