बहुत से पेरेंट्स की शिकायत रहती है कि बच्चे उनकी बात नहीं सुनते हैं। एक ही बात को बार-बार दोहराने पर भी उन पर कोई असर नहीं होता है। थोड़ा सा भी सख्ती दिखाने पर वे तुरंत बहस करने के लिए तैयार हो जाते हैं। लेकिन क्या कभी हमने खुद से ये पूछा है कि आखिर क्यों बच्चे हमारी बात नहीं मानते? क्या सिर्फ बच्चे ही गलत हैं या हमारी परवरिश में भी कुछ कमी है।
आज रिलेशनशिप कॉलम में हम ये जानने की कोशिश करेंगे कि बच्चे आखिर पेरेंट्स की बातों को क्यों अनसुनी करते हैं। साथ ही जानेंगे कि इसके लिए पेरेंट्स को क्या करना चाहिए।
कुछ बच्चे माता-पिता का ध्यान आकर्षित करने के लिए उनकी बातें नहीं सुनते हैं। वे चाहते हैं कि माता-पिता उनसे बात करें और उनकी भावनाओं को समझें।
वहीं अगर पेरेंट्स स्वयं अपनी बातों पर अमल नहीं करते हैं तो भी बच्चे उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। अगर बच्चे को पेरेंट्स से प्यार नहीं मिलता तो भी वह उनकी बातों को अनसुना करते हैं। इसके अलावा और भी कुछ कारण हैं, जिनकी वजह से बच्चे अपने पेरेंट्स की बातें नहीं सुनते हैं।

