Delhi Slum Eviction: दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के आसपास की तीन झुग्गी बस्तियों को हटाने का रास्ता साफ किए जाने के बाद विस्थापन का मुद्दा फिर चर्चा में है। शुक्रवार को इन बस्तियों में रहने वाली करीब आधा दर्जन महिलाएं अपने बच्चों के साथ कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलने की उम्मीद में 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं। हालांकि, उनकी राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हो सकी।
झुग्गीवासियों ने राहुल गांधी से इस मामले में हस्तक्षेप करने और ऐसा पुनर्वास सुनिश्चित करने की अपील की है, जिससे उनके परिवारों की आजीविका और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कांग्रेस कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
28 अगस्त को झुग्गीवासियों की ओर से कांग्रेस कार्यालय में एक ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें कहा गया कि वे विकास या किसी सरकारी पहल के विरोध में नहीं हैं, लेकिन चाहते हैं कि उनका पुनर्वास ऐसे स्थान पर किया जाए जहां वे अपनी नौकरी जारी रख सकें, बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो और परिवार सम्मान के साथ सामान्य जीवन जी सके।
शुक्रवार सुबह कांग्रेस कार्यालय पहुंची महिलाओं ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांगा था, लेकिन अभी तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है।
एक महिला फिरदोस ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेने की जानकारी दी गई थी। उन्होंने बताया कि अपॉइंटमेंट के लिए अनुरोध किया गया है और जवाब नहीं मिलने पर वे दोबारा कांग्रेस कार्यालय आने की कोशिश करेंगी।
तीन झुग्गी बस्तियों को हटाने की कार्रवाई
सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री आवास के आसपास स्थित बीआर कैंप, डीआईडी कैंप और मस्जिद कैंप में रहने वाले लोगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी। सरकार ने इन इलाकों के सैन्य प्रतिष्ठानों से नजदीक होने और रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत का हवाला दिया था।
अदालत में सरकार ने दलील दी थी कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों में संवेदनशील क्षेत्र में अनधिकृत ढांचों की मौजूदगी राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
हालांकि, झुग्गी बस्तियों में रहने वाले कई लोग बाहरी दिल्ली के सावदा घेवरा में आवंटित किए गए मकानों में जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह इलाका उनके मौजूदा निवास स्थान से करीब 45 किलोमीटर दूर है, जहां उनके परिवार दशकों से रह रहे हैं।
बताया गया है कि करीब 400 परिवार सावदा घेवरा जाने के लिए सहमत हो चुके हैं, जबकि लगभग 300 परिवार अभी भी इसका विरोध कर रहे हैं।
हाई कोर्ट ने पुनर्वास की निगरानी के लिए बनाई समिति
25 अगस्त को दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार के बेदखली आदेश को अवैध मानने से इनकार कर दिया था। हालांकि, अदालत ने झुग्गीवासियों के पुनर्वास की निगरानी और उनके गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए एक समिति गठित की है। इस समिति की अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त जिला अदालत के न्यायाधीश को सौंपी गई है, जबकि इसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।
झुग्गीवासियों ने सावदा घेवरा में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया है और मांग की है कि उन्हें बेहतर एवं व्यावहारिक स्थान पर पुनर्वासित किया जाए।
‘उम्मीद है राहुल गांधी हमारी आवाज उठाएंगे’
झुग्गीवासियों की मांग है कि उन्हें उसी इलाके के आसपास पुनर्वासित किया जाए और जब तक उचित पुनर्वास की व्यवस्था न हो, तब तक उन्हें बेदखल न किया जाए।
कांग्रेस कार्यालय के बाहर मौजूद शास्ता खान ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राहुल गांधी उनकी समस्या को उठाएंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और उन्हें उम्मीद है कि वह उनके लिए आवाज उठाएंगे।
झुग्गीवासियों ने यह भी कहा कि वे दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी कर रहे हैं।
एक अन्य महिला ने दावा किया कि वह सुबह करीब 9:30 बजे से तीन घंटे तक कांग्रेस कार्यालय के बाहर राहुल गांधी से मिलने का इंतजार करती रही। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित के समय जनता के लिए उनके दरवाजे खुले रहते थे, लेकिन यहां उन्हें राहुल गांधी से मिलने का समय तक नहीं मिल सका।

आशीष कुमार सिंह पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने भारत टाइमिंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में स्थापना काल से ही अपना योगदान दिया है। स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करते हुए वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजनीति पर गहन रिपोर्टिंग और विश्लेषण करते हैं।राष्ट्रीय राजनीति उनकी विशेष रुचि का विषय है। वे समसामयिक घटनाओं, राजनीतिक विकास और जनहित के मुद्दों पर तथ्यात्मक व निष्पक्ष पत्रकारिता करते हैं। समाचार पुलिस वेबसाइट पर उनके लेख और रिपोर्ट्स पाठकों को राष्ट्रीय मुद्दों की सही जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं।आशीष कुमार सिंह का उद्देश्य सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और जनहित को ध्यान में रखकर पत्रकारिता करना है।

