9 सितंबर 2025 को भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए विशेष चुनाव हो रहा है। यह चुनाव वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से 21 जुलाई को दिए गए इस्तीफे के बाद आवश्यक हो गया है। यह 1987 के बाद पहला ऐसा जल्दी चुनाव है। मतदान संसद भवन के कमरा नंबर F-101 (वसुधा) में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा| मतदान एकल संक्रमणीय आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (सिंगल ट्रांसफरेबल वोट) के तहत गुप्त होगा और शाम 6 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी। परिणाम आज ही घोषित हो जाएगा।
उम्मीदवार और राजनीतिक पृष्ठभूमि
- एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के उम्मीदवार: सी.पी. राधाकृष्णन, महाराष्ट्र के राज्यपाल और बीजेपी के वरिष्ठ नेता। वे कोयंबटूर से दो बार सांसद रह चुके हैं। एनडीए को संसद में मजबूत बहुमत (लगभग 429 वोट) का समर्थन है, जो बहुमत चिह्न (386) से अधिक है।
- इंडिया गठबंधन (विपक्ष) के उम्मीदवार: बी. सुदर्शन रेड्डी, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज। वे 2007-2011 तक सुप्रीम कोर्ट में रहे और सलवा जुडुम को असंवैधानिक घोषित करने वाले प्रमुख फैसलों के लिए जाने जाते हैं। विपक्ष इसे “विचारधारा की लड़ाई” बता रहा है और सांसदों से “अंतरात्मा की आवाज” सुनने की अपील कर रहा है।
मतदान प्रक्रिया
- निर्वाचक मंडल: लोकसभा (543 सदस्य) और राज्यसभा (233 निर्वाचित + 12 मनोनीत = 245) के कुल 788 सदस्य, लेकिन रिक्तियों के कारण 781 सांसद वोट डाल सकेंगे। बता दें उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के चुनाव से बीआरएस, बीजेडी और शिरोमणि अकाली दल के सांसद मतदान से दूर रहेंगे, जिस कारण मतदान संख्या 767 रह सकती है| प्रत्येक वोट का मूल्य 1 है। राज्य विधानसभाओं का इसमें कोई भूमिका नहीं।
- प्रक्रिया: गुप्त मतदान, एकल संक्रमणीय वोट (सिंगल ट्रांसफरेबल वोट) और आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली। सांसद उम्मीदवारों को वरीयता (1, 2, आदि) देंगें। बहुमत प्राप्त करने के लिए अधिकांश वैध वोट (50% +1) जरूरी। यदि कोई उम्मीदवार बहुमत न पाए, तो सबसे कम वोट वाले को हटाकर वोट ट्रांसफर किए जाएंगे।
- नियम: चुनाव आयोग विशेष स्याही वाली कलम देगा; अन्य कलम से वोट अमान्य। कोई पार्टी व्हिप लागू नहीं। नामांकन के लिए 20 प्रस्तावक, 20 समर्थक और 15,000 रुपये जमानत जरूरी।
- रिटर्निंग ऑफिसर: राज्यसभा महासचिव पी.सी. मोदी।
प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम
- एनडीए की रणनीति: कल शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बैठक हुई, जहां सांसदों को मतदान प्रक्रिया समझाई गई। मोदी ने एकजुटता पर जोर दिया। राधाकृष्णन ने आज सुबह लोधी रोड के श्रीराम मंदिर में पूजा की।
- इंडिया गठबंधन की रणनीति: कल संसद परिसर में बैठक में सांसदों को मॉक पोल कराया गया। उन्हें अमान्य वोट न डालने की सलाह दी गई। रेड्डी ने सांसदों को पत्र लिखकर “राष्ट्रहित में” वोट देने की अपील की।
- क्षेत्रीय दलों का रुख:
- बीजू जनता दल (बीजेडी): नवीन पटनायक ने वोटिंग से बहिष्कार का ऐलान किया, ओडिशा में बीजेपी-विरोधी छवि मजबूत करने के लिए।
- भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस): के.टी. रामाराव ने तेलंगाना में यूरिया की कमी का हवाला देकर बहिष्कार किया।
- शिरोमणि अकाली दल (एसएडी): पंजाब बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुद्दा उठाकर वोट नहीं डालेंगे।
- ये बहिष्कार एनडीए को फायदा पहुंचा सकते हैं, लेकिन विपक्ष क्रॉस-वोटिंग की उम्मीद कर रहा है।

