केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को उत्तर प्रदेश दिवस समारोह में शामिल होने लखनऊ पहुंचे। 24 से 26 जनवरी तक चलने वाले इस आयोजन का उन्होंने उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘एक जनपद, एक व्यंजन (ODOC)’ योजना की भी शुरुआत की गई।
सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए राजनीतिक बिगुल फूंक दिया।
अपने संबोधन में शाह ने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति करते हैं और प्रदेश का वास्तविक कल्याण नहीं कर सकते। उन्होंने जनता से अपील की कि 2027 में इन दलों को नकारकर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत से सत्ता सौंपें। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश का समग्र विकास केवल भाजपा के नेतृत्व में ही संभव है।
गृह मंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश को मजदूरों की आपूर्ति करने वाला राज्य माना जाता था, लेकिन भाजपा सरकार के गठन के बाद यह छवि बदली है। आज उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला प्रमुख राज्य बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा और बसपा के शासनकाल में प्रदेश को ‘बीमारू’ बना दिया गया था, जबकि भाजपा सरकार ने इसे विकास के नए मुकाम तक पहुंचाया है। अब विकास की रफ्तार शहरों के साथ-साथ गांवों तक दिखाई दे रही है।
इस दौरान अमित शाह ने इशारों में प्रदेश की वंशवादी राजनीति पर भी तीखा प्रहार किया और विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला।

