आज, 25 नवंबर 2025 को, अयोध्या की पावन धरती पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण होने वाला है। विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर राम मंदिर के शिखर पर केसरिया रंग का विशाल धर्मध्वज फहराया जाएगा। यह कार्यक्रम मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक है और भगवान राम के भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र है। आइए, विस्तार से जानते हैं इस कार्यक्रम के बारे में।

कार्यक्रम का समय और मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त: अभिजीत मुहूर्त, जो सभी शुभ कार्यों में सर्वोत्तम माना जाता है। यह मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक रहेगा (कुछ स्रोतों के अनुसार 11:52 से 12:35 बजे तक, कुल लगभग 43-44 मिनट का समय)।
- ध्वजारोहण का मुख्य क्षण: दोपहर 12:10 से 12:30 बजे के बीच। यह कार्य मात्र 4-5 मिनट में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न होगा।
- क्यों चुनी गई यह तिथि? त्रेता युग में इसी दिन (विवाह पंचमी) भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। साथ ही, अभिजीत मुहूर्त में ही भगवान राम का जन्म हुआ था, इसलिए यह समय अत्यंत शुभ है।
मुख्य अतिथि और आयोजन
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: वे स्वयं ध्वजारोहण करेंगे। सुबह करीब 10 बजे अयोध्या पहुंचने के बाद, वे सप्त मंदिर से रोड शो के माध्यम से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। मंदिर में विशेष पूजा के बाद बटन दबाकर ध्वज फहराएंगे। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।

- अन्य प्रमुख अतिथि:
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत।
- राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।
- धार्मिक गुरु: मोरारी बापू, चिन्मयानंद, धीरेंद्र शास्त्री, देवकीनंदन ठाकुर।
- उद्योगपति: मुकेश अंबानी।
- मनोरंजन जगत: अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, सोनू निगम, राम चरण।
- कुल लगभग 7,000 विशिष्ट अतिथि इस भव्य समारोह के साक्षी बनेंगे।
- विशेष निमंत्रण: राम जन्मभूमि केस में बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी को भी न्योता दिया गया है, जो एकता का प्रतीक है।
धर्मध्वज की विशेषताएं
- रंग और आकार: केसरिया (भगवा) रंग का, 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा, वजन 2-3 किलोग्राम।
- डिजाइन: इसमें कोविदार वृक्ष, सूर्य, चंद्र और अन्य पवित्र प्रतीक उकेरे गए हैं।
- स्थापना: मंदिर का शिखर 161 फीट ऊंचा है, जबकि ध्वजदंड 30-42 फीट ऊंचा। यह ध्वज मंदिर के शिखर पर स्थायी रूप से लहराएगा।
धार्मिक महत्व
धर्मध्वज का फहराना राम मंदिर के पूर्ण निर्माण की घोषणा है। ज्योतिषियों के अनुसार, यह ध्वज भगवान राम की विजय, धर्म की रक्षा और सनातन संस्कृति के उत्थान का प्रतीक है। विवाह पंचमी पर यह आयोजन भगवान राम-सीता के दांपत्य जीवन की स्मृति को जीवंत करेगा। कार्यक्रम के दौरान मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और आरती होगी, जो लाखों भक्तों के लिए आध्यात्मिक आनंद का स्रोत बनेगी।
सुरक्षा और तैयारी
- अयोध्या में कड़े सुरक्षा इंतजाम: 7,000 से अधिक जवान तैनात, एसपीजी की निगरानी में।
- शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया: तोरण द्वार, रोशनी, फूलों की सजावट।
- यातायात प्रतिबंध: 23 नवंबर से ही कुछ मार्गों पर भारी वाहनों पर रोक।
- लाइव अपडेट: कार्यक्रम का प्रसारण विभिन्न चैनलों पर होगा।
