सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख मतदाताओं के मामले में चुनाव आयोग को स्पष्ट निर्देश दिया है कि आधार कार्ड या 11 अन्य मान्य दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन दावा दायर किया जा सकता है। यह फैसला 1 अगस्त 2025 को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम हटाए जाने के विवाद के बाद आया, जिसमें 22 लाख मतदाता मृत, 36 लाख स्थानांतरित, और 7 लाख डुप्लिकेट पाए गए। कोर्ट ने प्रक्रिया को पारदर्शी और मतदाता-अनुकूल बनाने के लिए बूथ स्तर पर सूची प्रकाशित करने और राजनीतिक दलों को शामिल करने का आदेश दिया। इस पर कोर्ट ने कहा, “हम बिहार में एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए उन लोगों को ऑनलाइन दावा दर्ज कराने की अनुमति देंगे, जिनके पास आधार कार्ड या कोई अन्य स्वीकार्य दस्तावेज है|”
शिव-पार्वती विवाह स्थली Triyuginarayan Temple में जोड़े ने लिए सात फेरे
https://youtube.com/shorts/sCNY-H_ShEw उत्तराखंड में बर्फबारी में भी कई जोड़े शादी के बंधन में बंधे। भगवान शिव पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में बीते दिन भारी बर्फबारी के बीच सात जोड़े शादी के बंधन में बंधे। वहीं चमोली जिले के जंगलचट्टी गांव में बर्फबारी के बीच...

