28 जून 2022 को रियाज अख्तर और गौस मोहम्मद नाम के दो व्यक्तियों ने ग्राहक बनकर उदयपुर में पेशे से दर्जी कन्हैयालाल की दुकान पर पहुंचकर कपड़े सिलवाने का बहाना किया था और धोखे से उन्होंने कन्हैयालाल को बुलाया और फिर धारदार हथियार से उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी | इस जघन्य कृत्य का वीडियो भी उन्होंने रिकॉर्ड किया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया| लेकिन जब से कन्हैयालाल को इंसाफ नहीं मिल पाया है|
अब इस पर एक फिल्म भी बनाई गई जो इसी महीने रिलीज भी होनी थी लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने इसपर रोक लगा दी थी जिसके बाद फिल्म निर्माता सुप्रीम कोर्ट में गए हैं। अभी फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने रिलीज पर रोक को बरकरार रखा है और केंद्र सरकार की समिति को इस मामले में निर्णय लेने के लिए कहा है। अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी, जिसमें समिति की रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा|

