पंजाब के भटिंडा जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 19 साल का एक छात्र अपने घर में खतरनाक केमिकल से विस्फोटक तैयार कर रहा था। इस दौरान हुए धमाकों से न सिर्फ छात्र खुद घायल हुआ, बल्कि उसका पिता भी इसकी चपेट में आ गया।
पहला धमाका 10 सितंबर की सुबह हुआ, जिसमें छात्र गुरप्रीत सिंह घायल हो गया। उसी दिन शाम को दूसरा ब्लास्ट हुआ, जिसमें उसके पिता जगतार सिंह को चोटें आईं। इन धमाकों के बाद जब पुलिस और बम निरोधक दस्ता घर पहुंचा, तो स्थिति और गंभीर हो गई — 11 और 14 सितंबर को तीन और धमाके हो चुके हैं।
अब तक घर में हो चुके हैं पांच धमाके
बम निरोधक दस्ता घर में मौजूद केमिकल को हटाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ये केमिकल इतना संवेदनशील है कि हल्की सी छेड़छाड़ से ही इसमें आग या विस्फोट हो रहा है। अब तक कुल पांच धमाके हो चुके हैं, और स्थिति पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका है।
छात्र का हाथ कटवाना पड़ा, चार घर खाली कराए गए
इस खतरनाक रसायन से बम बनाते समय गुरप्रीत का एक हाथ इतना गंभीर रूप से जख्मी हुआ कि उसे काटना पड़ा। घर में मौजूद विस्फोटक सामग्री की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के चार घर खाली करवा दिए हैं।
क्या है आतंकी कनेक्शन?
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या गुरप्रीत का किसी आतंकी संगठन या विदेशी साजिश से कोई संबंध है। जांच में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर से कथित लिंक की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच जारी, खतरा बना हुआ है
फिलहाल एक्सपर्ट टीम के सहयोग से विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक पूरी सफलता नहीं मिल पाई है। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।

