महोबा के जिला अस्पताल से एक ‘अजब-गजब’ मामला सामने आया है, जहां जहर खत्म करने की दवा न होने पर सीएमएस और डॉक्टर ने एक मरीज को कथित तौर पर कोयला घोलकर पीने की सलाह दे डाली. कबरई थाना क्षेत्र के गहरा गांव के एक युवक ने पत्नी से विवाद के बाद पहले जहर खाया और फिर फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया. गंभीर हालत में परिजनों ने उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया. पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने जहर का असर कम करने वाली दवा उपलब्ध न होने पर यह ‘देसी’ इलाज सुझाया. बताया जा रहा है कि युवक अपनी जमीन हाईवे में जाने के बाद मुआवजा न मिलने के कारण कर्ज में था, जिसकी वजह से पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था.
#SamacharPlusOTT #mahoba
