सहारा इंडिया ग्रुप से जुड़ी करीब 88 संपत्तियों को बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने सुनवाई करते हुए कई अहम टिप्पणी भी की. सीजेआई ने कहा कि संपत्तियों पर कोई फैसला लेने से पहले सभी के अधिकारों को क्रिस्टलाइज करना जरूरी है.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सहारा इंडिया ग्रुप की ओर से अदालत में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा है कि संपत्तियों की बिक्री को लेकर अदालत को हम एक प्लान सुझा रहे हैं. सिब्बल ने कहा कि जिन 88 संपत्तियों को बेचने की बात की जा रही है उसे एक साथ बेचना फायदेमंद होगा क्योंकि टुकड़ों में कोई खरीदार नहीं मिलेगा. हमें याद रखना होगा कि वर्सोवा में क्या हुआ था?

