Malegaon Blast Verdict: मालेगांव विस्फोट मामले में प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित सभी सात आरोपियों को मालेगांव बम विस्फोट मामले में बड़ी राहत मिली है। एनआईए की विशेष अदालत ने उन्हें और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। यह मामला 2008 का है, जब मालेगांव में एक मोटरसाइकिल में विस्फोट हुआ था, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।
आइए जानते हैं मामले की मुख्य बातें:
- मालेगांव बम विस्फोट: 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए इस विस्फोट में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।
- आरोपियों की गिरफ्तारी: इस मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत 7 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
- एनआईए की जांच: 2011 में इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई थी।
- बरी होने के बाद प्रतिक्रिया: साध्वी प्रज्ञा ने कहा, “मुझे 13 दिन तक टॉर्चर किया गया। 17 साल तक आतंकवादी बनाकर अपमानित किया गया। मेरा जीवन बर्बाद कर दिया गया।”
साध्वी प्रज्ञा के बारे में:
- राजनीतिक करियर: साध्वी प्रज्ञा भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं और उन्होंने भोपाल से लोकसभा चुनाव जीता था।
- हिंदू आतंकवाद के आरोप: उन पर हिंदू आतंकवाद के आरोप लगे थे और उन्हें कई साल जेल में रहना पड़ा था।
- आरएसएस प्रचारक हत्याकांड: साध्वी प्रज्ञा वर्ष 2007 के आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी हत्याकांड में भी आरोपी थीं, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था|
फैसला आने के बाद क्या बोली साध्वी?
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने मालेगांव बम धमाके मामले में बरी होने के बाद कहा कि ,”मैंने वर्षों तक अपमान सहा, कई बार संघर्ष किया| मुझे तब कलंकित किया गया जब मैं दोषी नहीं थी|आज, भगवा की जीत हुई है, हिंदुत्व की जीत हुई है| भगवा आतंकवाद’ का झूठा आरोप अब झूठा साबित हो गया है”|
कोर्ट से बाहर निकलते हुए उन्होंने कहा, “मेरे जीवन के 17 साल बर्बाद हो गए. ईश्वर उन्हें दंड देगा जिन्होंने भगवा को बदनाम करने की कोशिश की”|

