देश भर में जंहा 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत के पूर्व प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई के रूप में जाता है मगर 2 अक्टूबर 1994 की रात उत्तराखंड वासियों के लिए उस समय काली रात साबित हुई है जब अलग राज्य की मांग को लेकर सैकड़ों प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक ढंग से दिल्ली जा रहे थे और जैसे ही ये आंदोलनकारी मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर पहुंचे थे तो उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार की हठधर्मिता के चलते आंदोलनकारियों पर पुलिस प्रशासन द्वारा कहर बरपाया था जिसमें 7 आंदोलनकारी शहीद हो गए थे। आज भी उनके बलिदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रामपुर तिराहा पहुंचे और शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सुनिए पुष्कर सिंह धामी ने क्या कहा……….
शिव-पार्वती विवाह स्थली Triyuginarayan Temple में जोड़े ने लिए सात फेरे
https://youtube.com/shorts/sCNY-H_ShEw उत्तराखंड में बर्फबारी में भी कई जोड़े शादी के बंधन में बंधे। भगवान शिव पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में बीते दिन भारी बर्फबारी के बीच सात जोड़े शादी के बंधन में बंधे। वहीं चमोली जिले के जंगलचट्टी गांव में बर्फबारी के बीच...
