शादी के बाद एक महिला की जिंदगी में कई बदलाव आते हैं, खासकर जब उसे सास-ससुर के साथ रहना हो। कई बार सास-बहू के रिश्ते में खटास आ जाती है, खासकर जब सास हर छोटी-बड़ी बात में बहू को टोकने लगे। ऐसी स्थिति में भावनात्मक रूप से सबसे कठिन बात तब होती है, जब पति पत्नी का साथ नहीं देते और चुपचाप तमाशा देखते रहते हैं।
ऐसी ही एक महिला ने अपनी स्थिति साझा की। उनका कहना है कि सास हर बात में दखल देती हैं—कपड़े पहनने के तरीके से लेकर खाने बनाने के स्टाइल तक। अगर वह जवाब देती हैं या अपनी बात कहती हैं, तो माहौल और बिगड़ जाता है। पति से बात करें तो वे ‘राजा बेटा’ की तरह हर बार माँ का ही पक्ष लेते हैं। इससे महिला खुद को अकेला, असुरक्षित और उपेक्षित महसूस करती हैं।
इस परिस्थिति में क्या किया जाए?
विशेषज्ञों की सलाह है कि सबसे पहले अपने आत्म-सम्मान और मानसिक शांति को प्राथमिकता दें। पति से शांतिपूर्वक, खुले दिल से बात करें और उन्हें समझाएं कि आपकी अपेक्षा केवल समर्थन की है, न कि टकराव की। अगर वे फिर भी नहीं समझते, तो खुद को मजबूत बनाना जरूरी है।
अपनी सीमाएं तय करें, जब सास टोकें तो शांत रहते हुए विनम्रता से ‘ना’ कहना सीखें। मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए अपने लिए समय निकालें—किसी हॉबी, करियर या दोस्तों के साथ जुड़ें। जरूरत पड़े तो रिलेशनशिप काउंसलिंग लें। खुद को प्रोटेक्ट करना आपकी जिम्मेदारी है

