भारतीय जनता पार्टी की ओर से रविवार को एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के सभी सांसदों को आमंत्रित किया गया था। इस कार्यशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए, लेकिन उन्होंने किसी विशेष स्थान पर नहीं, बल्कि आम सांसदों की तरह अंतिम पंक्ति में बैठकर भाग लिया। उनका यह सादगीपूर्ण रूप चर्चा का विषय बन गया।
कार्यशाला के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का जीएसटी 2.0 को लेकर विशेष रूप से अभिनंदन किया गया और उनके प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन उपराष्ट्रपति चुनाव से ठीक दो दिन पहले हुआ है, जिससे इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है।
वर्कशॉप में चार प्रमुख सत्र आयोजित किए गए हैं।
- पहला सत्र ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘स्वदेशी भारत’, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘युवा शक्ति एवं रोजगार’ जैसे विषयों पर केंद्रित रहा।
- दूसरे सत्र में सांसदों के लिए सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की गई, जिससे जनसंपर्क को बेहतर बनाया जा सके।
- तीसरे सत्र में संसदीय स्थायी समितियों की भूमिका और सांसदों की भागीदारी पर विशेष संवाद हुआ। इसमें संसद की कार्यवाही, नियमावली, मंत्रालयों की रिपोर्ट और सांसदों के व्यवहार आदि पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
- चौथा सत्र विशेष क्षेत्रों पर केंद्रित रहा—जैसे सागरीय, लेफ्ट विंग प्रभावित, ग्रामीण, शहरी, पहाड़ी और उत्तर पूर्वी इलाके। इसमें पीएम सूर्य घर योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, सांसद खेल महोत्सव, टिफिन बैठकें और सांसदीय क्षेत्रों में नवाचार जैसे विषयों पर भी मंथन हुआ।
इस वर्कशॉप का उद्देश्य सांसदों को नीति, संचार और संसदीय कार्यप्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षित करना रहा, जिससे वे अपने दायित्वों को और अधिक प्रभावशाली ढंग से निभा सकें

