गुरुवार, 24 जुलाई 2025 को संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन था। लोकसभा की बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद बिहार में चल रहे वोटर वेरिफिकेशन (SIR) मामले को लेकर हंगामा करने लगे। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के अन्य नेता वेल में आकर पोस्टर और तख्तियाँ लहराने लगे, जिनमें “Roll back SIR” और “मर्डर ऑफ डेमोक्रेसी” जैसे नारे शामिल थे। स्पीकर ओम बिरला ने तुरंत उन सांसदों को चेतावनी दी कि सदन तख्तियाँ लेकर चलने वाली जगह नहीं है और कहा, “ये आपके संस्कार नहीं हैं”।
इसके बाद हंगामे की वजह से लोकसभा में सिर्फ 6 मिनट की कार्यवाही हो सकी, जिसके तुरंत बाद स्पीकर ने दोपहर 2 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दिया । राज्यसभा में भी एक-डेढ़ घंटे तक चलने वाली कार्यवाही इसी मुद्दे को लेकर बाधित रही, और बाद में उसे भी दोपहर 2 बजे तक स्थगित किया गया ।
संसद परिसर के बाहर, मकर द्वार पर भी विपक्षी नेता लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन करते रहे। सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी सहित INDIA ब्लॉक के कई सांसद यहां आए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रियंका गांधी ने हाथ में पोस्टर लिया जिस पर लिखा था “खतरे में लोकतंत्र”, जबकि सोनिया गांधी भी आन्दोलन में शामिल रहीं ।
सरकार और विपक्ष के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप का असर स्पष्ट नजर आया। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि बिहार में SIR वोटर लिस्ट से लाखों नागरिकों को निकाला जा रहा है, जो चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है । वहीं सरकार ने इसे एक संवैधानिक प्रक्रिया बताया और विपक्ष को संसद को बाधित करने का दोषी ठहराया ।
इस बीच, विधायी कार्यक्रम के तहत दो महत्वपूर्ण बिल और भी पारित किए गए, लेकिन उपायुक्तों ने कहा कि इन पर बहस विपक्ष की वजह से सीमित हुई ।

