अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने ज्योतिर्मठ (बद्रीनाथ) के 46वें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भदोही दौरे के दौरान उन्होंने इस विवाद को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि हिंदू समाज का बंटना अत्यंत दुखद है, क्योंकि “हिंदू बंटेगा तो कटेगा” की स्थिति आज सामने आ रही है।
डॉ. तोगड़िया ने कहा कि हिंदू समाज की दो महान और प्राचीन परंपराएं हैं—एक ढाई हजार वर्ष पुरानी आदि जगद्गुरु शंकराचार्य की परंपरा और दूसरी धर्म रक्षा के लिए सदैव अग्रणी गोरखनाथ पीठ की परंपरा। उन्होंने कहा कि एक ओर पूजनीय शंकराचार्य हैं और दूसरी ओर पूजनीय महंत। प्रयागराज में जो घटनाक्रम सामने आया है, उससे न केवल वे स्वयं बल्कि पूरा हिंदू समाज आहत है।
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें किसी शंकराचार्य या महंत को शास्त्रों के आधार पर सलाह देने का अधिकार नहीं है, लेकिन प्रार्थना करने का अधिकार अवश्य है। उन्होंने अपील की कि शंकराचार्य से जुड़ा यह विवाद शांत किया जाए, हिंदू समाज को एकजुट किया जाए और सभी का सम्मान बना रहे। उन्होंने कहा कि यह विवाद शीघ्र समाप्त होना चाहिए ताकि सभी धार्मिक अनुष्ठान और स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।
डॉ. तोगड़िया ने यह भी कहा कि गोरखनाथ मंदिर के पूर्व पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ ने प्रभु श्रीराम मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके शिष्य, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा पूजनीय शंकराचार्य मिलकर निश्चित रूप से हिंदू एकता और सम्मान का मार्ग निकालेंगे और इस समस्या का समाधान करेंगे।

