अक्षय तृतीया हिन्दू धर्म में एक अत्यंत शुभ और पुण्यकारी तिथि मानी जाती है, जो हर वर्ष वैशाख माह की शुक्ल तृतीया को पड़ती है। इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि यह तिथि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अत्यंत उत्तम मानी जाती है। स्वर्ण खरीदारी, गृह प्रवेश, विवाह, और धार्मिक अनुष्ठान इस दिन बिना मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं, क्योंकि यह तिथि कभी न समाप्त होने वाला पुण्य फल देती है।
शिव-पार्वती विवाह स्थली Triyuginarayan Temple में जोड़े ने लिए सात फेरे
https://youtube.com/shorts/sCNY-H_ShEw उत्तराखंड में बर्फबारी में भी कई जोड़े शादी के बंधन में बंधे। भगवान शिव पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में बीते दिन भारी बर्फबारी के बीच सात जोड़े शादी के बंधन में बंधे। वहीं चमोली जिले के जंगलचट्टी गांव में बर्फबारी के बीच...

