रविवार शाम को असम समेत पूर्वोत्तर भारत में अचानक धरती कांप उठी। असम के उदलगुरी ज़िले में रिक्टर पैमाने पर 5.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान नागांव ज़िले के एक अस्पताल में नर्सों ने अपने अदम्य साहस और मानवता की मिसाल पेश की।
भूकंप के तेज़ झटकों के बावजूद, अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात नर्सों ने बिना घबराए तुरंत नवजात शिशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की। जैसे ही दीवारें और ज़मीन हिलने लगीं, उन्होंने बच्चों के पालनों को कसकर पकड़ लिया और उन्हें गिरने या किसी अन्य हादसे से बचाया।
इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि दो नर्सें न केवल शांति बनाए रखती हैं, बल्कि पूरी मुस्तैदी से बच्चों को संभालती नजर आती हैं। उनकी इस बहादुरी और जिम्मेदारी की भावना की लोग खूब तारीफ कर रहे हैं।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, यह भूकंप शाम 4 बजकर 41 मिनट पर आया, जिसका केंद्र ज़मीन से लगभग 5 किलोमीटर नीचे था। झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लोग घरों, दफ्तरों और अस्पतालों से बाहर निकल आए।
भूकंप के झटके असम के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और भूटान में भी महसूस किए गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि कहीं से भी किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं मिली है। लेकिन नागांव की नर्सों का साहस निश्चित रूप से लोगों के दिलों को छू गया है।

