अश्विन मास, हिंदू पंचांग का सातवां महीना, भाद्रपद माह के समाप्त होते ही शुरू होता है। यह माह धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन माना जाता है। वर्ष 2025 में अश्विन मास की शुरुआत 7 सितंबर से हो रही है और यह 5 अक्टूबर तक चलेगा। इस पूरे माह में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आते हैं, जिनका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है।
अश्विन मास की शुरुआत पितृ पक्ष से होती है, जो पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का समय होता है। इस दौरान लोग तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करते हैं। पितृ पक्ष समाप्त होने के बाद शारदीय नवरात्रि का पर्व आरंभ होता है, जो मां दुर्गा की नौ रूपों की उपासना का विशेष काल होता है। इस दौरान भक्त उपवास रखते हैं और शक्ति की आराधना करते हैं।
नवरात्रि के बाद दशहरा (विजयादशमी) का पर्व आता है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। इसके अलावा, शरद पूर्णिमा भी अश्विन मास में आती है, जिसे चंद्रमा की विशेष कृपा प्राप्त करने का अवसर माना जाता है।
इस प्रकार, अश्विन मास न केवल व्रत-त्योहारों से भरपूर होता है, बल्कि यह आत्मिक शुद्धि, श्रद्धा, और भक्ति का भी प्रतीक है। यह माह जीवन में पुण्य, शक्ति और शांति लाने का विशेष अवसर प्रदान करता है।

