पीएम मोदी दो दिवसीय एससीओ शिखर सम्मेलन (31 अगस्त से 1 सितंबर तक) के लिए चीन के तियानजिन पहुंचे तो उन्होंने रूसी-चीनी राष्ट्रपतियों से गर्मजोशी से मुलाकात की तो उधर सात- समुंदर पार बैठा अमेरिका इसके देख बौखला उठा| एससीओ समिट के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच खास मीटिंग भी हुई| इस पर अमेरिका को परेशानी हो गयी|

ट्रंप के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत को अमेरिका के साथ रहना चाहिए ना कि रूस के साथ| ‘फ्री प्रेस जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार पीटर नवारो ने कहा, ”भारत को हमारे साथ रहना चाहिए, न कि रूस के साथ. प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ काम कर रहे हैं, यह ठीक नहीं है|”

