मिर्जापुर जिले में रहने वाले एक युवक ने कहां- मैं दिव्यांग हूं। मुझे अपने बेटे से बहुत उम्मीद थी। बड़ा होकर सहारा बनेगा। लेकिन मेरे बेटे को मोबाइल की लत लग गई। पूरे दिन मोबाइल पर फिल्में और वेब सीरीज देखता रहता था। मुझे नहीं पता था कि एक दिन ये मोबाइल ही उसको आरोपी बना देगा।
उसको बहुत जल्दी अमीर बनने का शौक था। वह अपने आप को ‘कालीन भैया’ कहता था। अपने दोस्तों से कहता था- मुझे कालीन भैया कहो। वह अपने में ही मस्त रहता था। ये कहना है उस पिता का, जिसके नाबालिग बेटे ने 2 दोस्तों के साथ मिलकर बोलेरो मालिक को शराब पिलाई। फिर गाड़ी लेकर फरार हो गए।
बता दे की, 10 को युवक लापता हुआ, 12 को मामला दर्ज किया गया। 14 को बेहुती जंगल से नर कंकाल बरामद किया गया। अब खुलासे से किशोरों का परिवार सदमें में हैं। कक्षा 9 और 11 में पढ़ने वाले बच्चों ने मिर्जापुर वेब सीरीज देख ऐसा कदम उठाया कि परिवार के आंसू नहीं थम रहे है। दोनों पक्ष के लोगों में मातम पसरा हैं। अब तक मृतक के परिवार को शव नहीं मिला है।

