महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में महायुति की बड़ी जीत के बाद अब मेयर पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हालांकि अब तक किसी भी दल की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इस बीच शिवसेना (UBT) की दो महिला नेताओं ने बीजेपी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर निशाना साधते हुए मेयर पद को लेकर अंदरूनी खींचतान का आरोप लगाया है।
शिवसेना (UBT) की नेता और पूर्व मेयर किशोरी पेंडेनकर ने कहा कि पिछले दो कार्यकालों में BMC में मेयर पद ओपन कैटेगरी की महिलाओं के लिए आरक्षित रहा है। आमतौर पर यह प्रक्रिया चुनाव की घोषणा से पहले पूरी कर ली जाती है, लेकिन इस बार नतीजे आने के बाद भी आरक्षण को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि विभाग अब तक यह स्पष्ट क्यों नहीं कर पाया है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। पेंडेनकर ने यह भी कहा कि मेयर किस वर्ग से होगा, इसे लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।
वहीं, BMC की पूर्व मेयर और शिवसेना (UBT) की नेता विशाखा राउत ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और हार-जीत की तस्वीर साफ है, इसके बावजूद सरकार ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया कि मेयर पद पर आरक्षण लागू होगा या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और शिंदे गुट के बीच मेयर पद को लेकर मतभेद हैं। राउत के मुताबिक, एकनाथ शिंदे ढाई साल के लिए मेयर पद की मांग कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं है, जिससे दोनों दलों के बीच टकराव की स्थिति बन रही है।

