महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के चुनाव नतीजे घोषित हुए काफी वक्त बीत चुका है, लेकिन अब तक कई निगमों में मेयर पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इसी बीच कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) की राजनीति में बुधवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला।
शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने 53 पार्षदों को साथ लेकर एक मजबूत गठबंधन खड़ा कर दिया है। इस गठबंधन को राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के 5 पार्षदों का भी समर्थन मिल गया है। शिवसेना (शिंदे) और मनसे ने मिलकर बोर्ड गठन का दावा करते हुए कोंकण आयुक्त को संयुक्त पत्र सौंपा है।
58 पार्षदों के इस समर्थन से एकनाथ शिंदे ने न केवल उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है, बल्कि भाजपा के सामने भी नई चुनौती खड़ी कर दी है। सत्ता में बराबर हिस्सेदारी की मांग कर रही भाजपा के लिए यह समीकरण असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
बुधवार को केडीएमसी में राजनीतिक हलचल तेज रही। श्रीकांत शिंदे ने आधिकारिक तौर पर 53 शिवसेना पार्षदों के गठबंधन की घोषणा की, जिसमें मनसे के 5 पार्षद भी शामिल हुए। मनसे पार्षदों ने शिवसेना (शिंदे गुट) को समर्थन देने का ऐलान कर सियासी समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।

