विश्व बैंक ने शुक्रवार को खुुद को इस अटकल से दूर कर लिया कि वह भारत और पाक के बीच दशकों से चले आ रहे राजनीतिक और सैन्य तनाव को ठीक कर देगा| विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बांगा गुरुवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की| अजय बंगा ने कहा कि सिंधु जल संधि में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान की भूमिका सिर्फ मध्यस्थ की है और वह भारत की ओर से संधि के निलंबन पर कोई दखल नहीं देगा।
आपको बता दें कि भारत और पाकिस्तान ने नौ साल तक बाचतीत के बाद 1960 में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इस संधि में विश्व बैंक की मदद ली गई थी। विश्व बैंक ने भी इस पर हस्ताक्षर किए थे।

