विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, पूरी दुनिया में एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। 6 महीने से 5 साल के लगभग 40% बच्चे, 37% गर्भवती महिलाएं और 15 से 49 वर्ष की 30% महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं।
इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन के मुताबिक, पूरी दुनिया में लगभग 200 करोड़ लोग एनीमिया से प्रभावित हैं। इसका मतलब है दुनिया की लगभग एक चौथाई आबादी एनीमिया से जूझ रही है। यह आंकड़ा डायबिटीज के रोगियों से भी कहीं ज्यादा है।
एनीमिया के कारण शरीर में मौजूद खून में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती है। इसके कारण शरीर की ग्रोथ और डेवलपमेंट रुक सकता है। बाल झड़ सकते हैं और प्रेग्नेंसी के दौरान मां और बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। एनीमिया गंभीर होने पर बॉडी ऑर्गन तक फेल हो सकते हैं।

