विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए कानून को लेकर उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में विरोध तेज होता जा रहा है। अब तक जहां विपक्षी दल इस कानून का विरोध कर रहे थे, वहीं अब सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के भीतर से भी असंतोष के स्वर सुनाई देने लगे हैं। कई बीजेपी पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता इस कानून को लेकर खुलकर नाराजगी जता रहे हैं।
UGC कानून के विरोध में बीजेपी के कई नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। श्रावस्ती जिले में सोमवार (26 जनवरी) को पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष सहित कई नेताओं ने इस्तीफा देते हुए UGC कानून के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की, जिससे पार्टी में आंतरिक असंतोष की अटकलें तेज हो गई हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, श्रावस्ती के पूर्व जिला अध्यक्ष उदय प्रकाश तिवारी ने UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) कानून के कुछ प्रावधानों को गलत बताते हुए इसका खुलकर विरोध किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को लेकर भी आपत्ति जताई और इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की।
मीडिया से बातचीत में उदय प्रकाश तिवारी ने कहा कि UGC का यह कानून बच्चों के भविष्य के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके कुछ नियम छात्रों के हित में नहीं हैं, इसलिए इसका विरोध जरूरी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ सुनना अनिवार्य नहीं है।

