जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 टूरिस्ट की हत्या कर दी थी। महिलाओं और बच्चों के सामने पुरुषों को सिर और सीने में गोली मारी थी। महिलाओं से कहा था- तुम्हें इसलिए छोड़ रहे हैं कि जाकर मोदी को बता देना।
घटना के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरब में थे। वे दौरा बीच में ही छोड़कर देश लौटे और कैबिनेट की मीटिंग बुलाई। 24 अप्रैल को उन्होंने कहा- आतंकियों को कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। इसके बाद सेना के अफसरों से मिले और कहा- सेना कार्रवाई के लिए जगह और समय तय करे।
पहलगाम घटना के 15 दिन बाद सेना ने पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। 25 मिनट में 9 आतंकी ठिकाने तबाह कर दिए थे। 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया। यहीं आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी। भारत ने इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया, क्योंकि आतंकियों ने देश की बहन-बेटियों का सुहाग उजाड़ा था।
इसके बाद पाकिस्तान ने 8 मई की रात से लगातार बॉर्डर से सटे इलाके और एयरबेस पर गोलाबारी शुरू कर दी। भारत ने भी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। लेकिन 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा की गई। कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन किया गया।

